Author : Hari Singh Jigyase
Publisher : Uttkarsh Prakashan
Length : 52Page
Language : Hindi
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‘यादें हैं बस यादें हैं’ रचनाकार हरी सिंह ‘जिज्ञाशु’ की एक अत्यंत भावनात्मक और हृदयस्पर्शी काव्य कृति है। मेरठ निवासी लेखक ने इस पुस्तक में अपनी स्वर्गीय पत्नी की स्मृतियों को शब्दों के माध्यम से जीवंत करने का प्रयास किया है। यह संग्रह केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि एक सच्चे प्रेम, वियोग और अनंत स्मृतियों की मार्मिक अभिव्यक्ति है। इस पुस्तक की प्रत्येक कविता में लेखक का अपनी पत्नी के प्रति गहरा स्नेह, अपनापन और उनके बिछड़ने का दर्द स्पष्ट रूप से झलकता है। उनकी लेखनी में वह संवेदना है, जो पाठकों के हृदय को सीधे छू जाती है और उन्हें भी अपने प्रियजनों की यादों में डुबो देती है। ‘यादें हैं बस यादें हैं’ प्रेम और स्मृति के उस अनमोल रिश्ते को दर्शाती है, जो समय के साथ भी कभी समाप्त नहीं होता, बल्कि और गहराता जाता है।
BOOK DETAILS
| Publisher | Uttkarsh Prakashan |
| ISBN-10 | 81-997674-2-1 |
| Number of Pages | 52 |
| Publication Year | 2026 |
| Language | Hindi |
| ISBN-13 | 978-81-99767-42-3 |
| Binding | Paperback |
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