Author : Anokhelal Yadav
Publisher : Uttkarsh Prakashan
Length : 96Page
Language : Hindi
List Price: Rs. 200
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एटा, उत्तर प्रदेश निवासी संवेदनशील लेखक अनोखेलाल यादव की चौथी कृति है—'काव्य कुसुमाकर', जिसे उत्कर्ष प्रकाशन द्वारा प्रकाशित गया है ...अनोखेलाल यादव हिंदी साहित्य के एक ऐसे हस्ताक्षर हैं, जिनकी लेखनी में उनकी जन्मभूमि की सादगी और गहराई समाई हुई है। 'बंजारे', 'मुक्तक मंजरी' और 'कहानी कुंज' के बाद, यह नवीनतम कविता संग्रह उनकी भावनाओं का सबसे कोमल और महकता हुआ रूप प्रस्तुत करता है। 'काव्य कुसुमाकर' सिर्फ कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि कवि के हृदय की शांत, मधुर अनुभूतियों का बहता हुआ झरना है। इस कृति में आप शब्दों की ऐसी कोमलता महसूस करेंगे, जो सीधे आत्मा को स्पर्श करती है। यह संग्रह शांत पलों में पढ़ने और हृदय से महसूस करने के लिए एक अमूल्य उपहार है। 'काव्य कुसुमाकर' अनोखेलाल यादव की सौम्य और शांत रचनात्मकता का प्रमाण है, जो पाठकों को जीवन की भागदौड़ से दूर, एक सुखद काव्य-लोक की यात्रा कराती है।
BOOK DETAILS
| Publisher | Uttkarsh Prakashan |
| ISBN-10 | 9789349808973 |
| Number of Pages | 96 |
| Publication Year | 2025 |
| Language | Hindi |
| ISBN-13 | 9789349808973 |
| Binding | Paperback |
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