Author : Anil Saxsena 'chaudhary'
Publisher : Uttkarsh Prakashan
Length : 104Page
Language : Hindi
List Price: Rs. 120
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जयपुर राजस्थान निवासी पूर्व हिंदी भाषा अधिकारी श्री अनिल सक्सेना चौधरी' द्वारा लिखित इस नाटक में भ्रष्टाचार की पोल पट्टी खोलने का प्रयास किया गया है साथ ही अंध विश्वास पर भी कुठाराघात किया गया है बहुत ही रोचक मनोरंजक भाषा शैली के साथ लिखे गए इस नाटक के सभी पत्रों में अपने अभिनय के साथ इन्साफ किया है .. यह पुस्तक नाटक विधा पर आधारित है... जिसमें लेखक ने बहुत ही सजीव ढंग से नाटक प्रस्तुत किये हैं....लेखक ने आजकल के तथाकथित बाबाओं के काले कारनामों से आहत लोगों की पीड़ा को भी पाठकों के सामने प्रस्तुत किया है...इस पुस्तक में अंधविश्वास और आडम्बरों से दूर रहने की शिक्षा दी गई है.......
BOOK DETAILS
| Publisher | Uttkarsh Prakashan |
| ISBN-10 | 9788198422064 |
| Number of Pages | 104 |
| Publication Year | 2025 |
| Language | Hindi |
| ISBN-13 | 9788198422064 |
| Binding | Hardcover |
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